सूचना के अधिकार पर काम करने के उपरांत प्राप्त अनुभवों से इसका दायरा बढाते हुए व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति के लिए अपने सक्रिय साथियों से विचार विमर्श के उपरांत नागरिक अधिकार मंच के गठन की योजना बनी. इस मंच के माध्यम से विधिक तरीके से व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति हेतु संघर्ष किया जाएगा.
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शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011
सोमवार, 19 दिसंबर 2011
आर.टी.आई.एक्टिविस्ट श्री रामविलास सिंह की निर्मम ह्त्या के विरोध में धरना .
लखीसराय जिले के जुझारू आर.टी.आई. एक्टिविस्ट श्री रामविलास सिंह की अपराधियों द्वारा दिन दहाड़े ह्त्या की गयी. यह सर्वविदित है कि उन्होंने बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग समेत समस्त आला अधिकारियों को संभावित खतरे से आगाह किया था तथा ह्त्या में शामिल अपराधियों के नाम समेत बताया था कि वे मेरी जान ले सकते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सूचना के अधिकार के तहत उन पर किए जा रहे कार्रवाई का ब्योरा भी माँगा था तथा भ्रष्ट डीएसपी के संपत्ति का ब्योरा भी माँगा था. बावजूद इसके संवेदनहीन पदाधिकारियों द्वारा हत्याभियुक्तों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जाना पुलिस पदाधिकारियों की ह्त्या के साजिश में शामिल होने के कयास को पुख्ता करती है. इस ह्त्या के खिलाफ नागरिक अधिकार मंच द्वारा पटना के आर.ब्लॉक. चौराहा पर दिनांक १९/१२/२०११ दिन सोमवार को ११ बजे दिन से ५ बजे शाम तक धरना का आयोजन किया गया. इस धरने की प्रमुख मांगे हैं-
१. इस ह्त्या की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए, जिन पुलिस पदाधिकारियों पर पूर्व में ही उन्होंने संदेह व्यक्त किया है तथा जिनके इस ह्त्या के साजिश में शामिल होने की संभावना है, उनसे केस का अनुसंधान और पर्यवेक्षण कराना न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है. संबंधित थानेदार एवं डीएसपी की अपराधियों के साथ सांठ-गाँठ एवं उनकी संलिप्तता की जाँच की जाए.
२. संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी को वहाँ से तुरंत प्रभाव से स्थानांतरित किया जाए एवं उनपर कर्तव्य में लापरवाही बरतने हेतु विभागीय कार्रवाई की जाए. विदित हो कि इन्होने ह्त्या में शामिल अभियुक्तों के कुर्की-जब्ती हेतु न्यायालय के आदेश पर कोई कार्रवाई न कर झूठी कागजी-खाना-पूर्ती की थी.
३. मृतक के आश्रितों को पच्चीस लाख रूपए बतौर मुआवजा दिए जाएँ.
४. मृतक के परिजनों को संलिप्त अपराधियों से आज भी जान का खतरा बना हुआ है, उनकी सुरक्षा हेतु उचित व्यवस्था की जाए.
५. समाज में भ्रष्टाचार तथा अपराध के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे समाजसेवियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रावधान किए जाएँ.
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