सूचना के अधिकार पर काम करने के उपरांत प्राप्त अनुभवों से इसका दायरा बढाते हुए व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति के लिए अपने सक्रिय साथियों से विचार विमर्श के उपरांत नागरिक अधिकार मंच के गठन की योजना बनी. इस मंच के माध्यम से विधिक तरीके से व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति हेतु संघर्ष किया जाएगा.
रविवार, 29 मई 2011
बिजली के ग्यारह हजार वोल्ट के तार टूटने से हुई बच्चा सह की मौत
यह बक्सर जिले के ग्राम+पोस्ट+थाना- धनसोई की घटना है. गांव के विन्देश्वरी साह उर्फ बच्चा साह सत्रह फरवरी 2011 को अहले सुबह शौच के लिए नदी की तरफ जा रहे थे कि रास्ते में ग्यारह हजार वोल्ट के मुख्य तार के टूटकर गिर जाने के चलते उसके चपेट में आ गए. विद्युत तार के स्पर्श होते ही उनका पूरा शरीर धू-धू कर जल उठा और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. बच्चा साह परिवार के एकमात्र कमाऊ व्यक्ति थे, जो नित्य छोला-पकौड़ी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी मौत के बाद पत्नी एवं बाल-बच्चों का हाल-बेहाल है. क्या विद्युत विभाग को उनकी लापरवाही से हुई मौत के लिए इनके आश्रितों को उचित मुआवजा नहीं देनी चाहिए ? सभी प्रबुद्ध और संवेदनशील मित्रों से आग्रह है कि कृपया मुझे उचित प्रक्रिया बताएं जिससे इनके आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाई जा सके. विस्तृत जानकारी के लिए कृपया लिंक पर क्लिक करें
शुक्रवार, 27 मई 2011
"सूचना का अधिकार और ग्राम स्वराज्य" विषय पर सेमिनार
"सूचना का अधिकार और ग्राम स्वराज्य" विषय पर वैशाली जिला के देशरी प्रखंड में नागरिक अधिकार मंच और सूचना प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में एक सेमिनार का आयोजन किया गया है, समान रुचि के मित्रों से आग्रह है कि अगर आने में कोई कठिनाई ना हो तो अवश्य पधारें.
सोमवार, 23 मई 2011
नागरिक अधिकार मंच का सेमिनार औरंगाबाद में.
औरंगाबाद, जागरण संवाददाता : शहर के श्री कृष्ण नगर श्रीमन्न नारायण भवन में रविवार को नागरिक अधिकार मंच के द्वारा सूचना के अधिकार एवं ग्राम स्वराज विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। उद्घाटन खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष त्रिपुरारी शरण ने किया। अध्यक्ष ने कहा कि समाज में परिवर्तन और कुरीतियों को दूर करने के लिए सूचना के अधिकार को मजबूत करना होगा। ग्राम स्वराज स्थापित करने के लिए गांव स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर आंदोलन करना होगा। तभी समाज के हर वर्ग को न्याय मिलेगा। खादी से रोजगार सृजन के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। देव प्रखंड के खडिहा गांव निवासी जेपी के अनुयायी अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी सूचना के अधिकार को लागू नहीं होने देना चाहते हैं। इसके लिए समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा तभी उन्हें हक और अधिकार मिलेगा। सूचना मांगने वालों को अगर प्रताड़ित किया जाएगा तो नागरिक अधिकार मंच प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ न सिर्फ आंदोलन करेगी बल्कि कानूनी कार्रवाई कराएगी। मुख्य अतिथि मंच के अध्यक्ष शिवप्रकाश राय, संरक्षक डा. एसएन उपाध्याय, शिक्षाविद प्रो. नवल किशोर, अजय श्रीवास्तव, प्रो. जगनाथ सिंह, एसपी राय, इरफान अहमद ने कहा कि लोगों को न्याय दिलाने एवं भ्रष्टाचार को खत्म करने में सूचना का अधिकार एक हथियार है। इसे मजबूत करने के लिए सभी को आगे आना होगा।
गुरुवार, 19 मई 2011
भवन निर्माण विभाग में अवैध कब्जे का खेल - Information collected through RTI.
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी,
बिहार सरकार, पटना
एक तरफ बिहार सरकार के हजारों कर्मचारी पटना में आवास के लिए वर्षों से प्रतिक्षारत हैं, तो दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवास विभागीय पदाधिकारियों की मदद से अवैध कब्जे के शिकार हैं. मैंने सूचना के अधिकार के तहत इन आवासों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की है, जिसके तरफ आपका ध्यान आकर्षित करना अत्यावश्यक लगा. विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गए सूचना के अनुसार 390 आवास खाली हैं. विभाग द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार तो ये फ्लैट खाली हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि विभागीय पदाधिकारियों की मिलीभगत से इन आवासों में कोई ना कोई रह रहा है. पटना में एक आवासीय फ्लैट का कम से कम किराया तीन हजार रूपए प्रतिमाह है. इस तरह सरकार को कम से कम 11,70,000 (ग्यारह लाख सत्तर हजार) रूपए के राजस्व की क्षति प्रतिमाह हो रही है. इतना ही नहीं पात्र अभ्यर्थियों को आवास का संकट भी झेलना पड़ रहा है. मैंने इन सूचनाओं को गूगल डोक्स पर अपलोड किया है, आप चाहें तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सारी वस्तुस्थिति से अवगत हो सकते हैं.
विश्वासी-
शिव प्रकाश राय
गली नं- 2
धोबीघाट, चरित्र भवन, बक्सर
जिला - बक्सर (बिहार).
मोबाईल नं- 09931290702
Blog-
रविवार, 15 मई 2011
बिहार में भ्रष्टाचारियों के सजा का प्रतिशत
दैनिक हिंदुस्तान में छपी खबर के अनुसार बिहार में भ्रष्टाचारियों के सजा का प्रतिशत 78 है जबकि निगरानी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 2.19%. लिंक पर क्लिक कर पूरी सूचना पढ़ सकते हैं साथ में हिन्दुस्तान में छपी खबर भी. 1990 से लेकर 2010 तक कुल दर्ज 1139 मामलों में से मात्र 25 को सजा मिली है
मंगलवार, 12 अप्रैल 2011
नागरिक अधिकार मंच इस आंदोलन में देशहित हेतु शामिल जरुर है, पर इन प्रश्नों के साथ.
जन लोकपाल विधेयक कमोवेश अब अन्ना हजारे लोकपाल विधेयक बनते जा रहा है. अन्ना हजारे तो मात्र एक चेहरा हैं जो भारतीय जनमानस के मन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध उत्तेजना को प्रदर्शित करने हेतु चुन लिए गए हैं. पर शायद वे भी सफलता के मद से मदहोश होने लगे और अब सरकारों और मुख्यमंत्री को प्रमाणपत्र बांटने लगे. वे महाराष्ट्र और दिल्ली में रहकर जन लोकपाल विधेयक हेतु समर्थन जुटाने का काम करने में लगे रहें तो ज्यादा अच्छा रहेगा. अरविंद केजरीवाल तो स्वयं समाज सेवा का मार्केटिंग करते हैं और पूरे देश में आईएस लॉबी में संपर्क रखकर अपना प्रचार-प्रसार करने में मशगूल रहते हैं. यही लोग तो हैं जो सरकार और समाज सेवियों के बीच मैनेजर की भूमिका में नजर आते हैं. पिता -पुत्र को कमिटी में रखने का कोई मतलब नहीं है. कई दशकों से संघर्षरत मेधा पाटेकर का इस पूरे एपिसोड से संबद्ध ना रहना आंदोलन के अधूरेपन को दर्शाता है. नागरिक अधिकार मंच इस आंदोलन में देशहित हेतु शामिल जरुर है, पर इन प्रश्नों के साथ.
अन्ना के साथ खड़े हुए करोड़ों हाथ
बक्सर, नगर संवाददाता : भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे की चिंगारी अब आग का रूप ले चुकी है। पूरे जिले में शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जबरदस्त अभियान शुरू हुआ। जिसमें दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर राजनीतिक दलों के लोगों ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में शामिल होने का ऐलान किया। वहीं, कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक उपवास रख जन लोकपाल बिल के विधेयक का समर्थन किया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रखा उपवास
गांधीवादी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आमरण अनशन को नैतिक समर्थन देने के लिए युवा क्रांति व नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस चौकी के समीप एक दिवसीय उपवास रखा। दिनभर के उपवास के बाद एक सभा का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता मंच के संयोजक शिवप्रकाश राय ने की। उन्होंने कहा कि जन लोकपाल विधेयक को मिल रहे जन समर्थन से राजनीतिक दलों को यह समझ जाना चाहिये कि भ्रष्टाचार से आमजन कितने परेशान हैं। मंच संचालन राकेश रत्न राय व बजरंगी सिंह ने किया। इस मौके पर नीरज श्रीवास्तव, प्रो.परमात्मा पाठक, प्रो.श्यामजी मिश्रा, डा.वंशीधर गिरी, रोहतास गोयल, मधुकर आनंद, उपेन्द्र दूबे, डब्लू यादव, प्रियरंजन राय, पिंटू चौबे व अधिवक्ता तेज प्रताप सिंह छोटे समेत अनेक समाजसेवी शामिल थे।
विद्यार्थी परिषद ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर शुक्रवार को कोचिंग संस्थाओं में जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार ने देश को तबाह कर दिया है। युवा वर्ग इसे अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसलिये वे लोग अन्ना हजारे के मसौदे के समर्थन में पूरे युवा वर्ग को एकजुट करने के लिए सड़क पर उतरे हैं। अभियान का नेतृत्व परिषद के नगर मंत्री रामजी सिंह ने किया। अभियान में श्यामजी वर्मा, गंगाधर सर्राफ, राजू सिंह, आशीष, अतुल, अनुराग व सोनू सिंह आदि शामिल थे।
आंदोलन में कूदा ग्राहक पंचायत
भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को बक्सर जिला ग्राहक पंचायत ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है। पंचायत के अध्यक्ष रोहतास गोयल के नेतृत्व में संगठन के कई कार्यकर्ता शुक्रवार को वीर कुंवर सिंह चौक पर आयोजित उपवास कार्यक्रम में शरीक हुए। इस मौके पर श्री गोयल ने कहा कि अन्ना की जलायी आग अब भ्रष्टाचार को जला कर ही बुझेगी। इस मौके पर पंचायत के प्रदेश प्रभारी प्रदीप केशरी, रामआशीष यादव, टुन्नू राय व अशोक कुमार राय आदि मौजूद थे।
माकपा ने किया अनशन
अन्ना हजारे के समर्थन में भारत की कम्रूूनिंस्ट पार्टी मार्क्सवादी के कार्यकर्ताओं ने शहीद भगत सिंह पाक में एक दिवसीय अनशन किया। इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव का.गणेश राम ने कहा कि जन लोकपाल बिल को सरकार तुरंत मान ले नहीं तो आम जनता मान लेगी कि सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करना नहीं चाहती। श्री राम ने अन्ना हजारे की मांग तुरंत नहीं माने जाने पर आंदोलन और तेज करने की बात कही। धरना का नेतृत्व संजय कुमार यादव व मंच संचालन गुड्डू शर्मा ने किया। इस मौके पर वीरेन्द्र कुमार राम, महंगू राम, जनार्दन सिंह यादव, विंध्याचल राय व मयनुद्दीन अंसारी आदि मौजूद थे।
लायंस भी हुआ मुहिम में शामिल
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में लायंस क्लब आफ डुमरांव भी शामिल हो गया है। क्लब के लोगों ने जन लोकपाल बिल पर जागरुकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। क्लब के अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद धीरज कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार समाज के लिए नासूर बन चुका है। ऐसे में एक सख्त कानून की जरूरत है जिससे भ्रष्टाचारियों में भय का वातावरण बने। साथ ही इसके दायरे में देश के शीर्ष पद व शीर्ष संस्थायें भी रहें।
युवा भारत नहीं सहेगा भ्रष्टाचार
बक्सर, नगर संवाददाता : भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का एक मौका क्या मिला, समाज के हर वर्ग एकजुट होने लगे। इस मुद्दे पर दैनिक जागरण को कई युवाओं ने बताया कि नई पीढ़ी भ्रष्ट समाज में जीना नहीं चाहती। इसलिये व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
युवा नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है। भ्रष्टाचार से सबसे ज्यादा प्रभावित युवा वर्ग है। अब यह सब ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है। राजनीतिक दलों को यह बात समझ लेना चाहिये। मधुकर आनंद का कहना था कि अन्ना हजारे जैसे वृद्ध हमलोगों के लिए लड़ सकते हैं तो फिर हमलोग केवल उन्हें साथ क्यों नहीं दे सकते। यह आंदोलन बड़ी क्रांति का रूप लेगा। युवा राकेश रत्न राय का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी अकेले की समस्या नहीं है। नेताओं को समझना चाहिये कि उनके बच्चे भी इससे प्रभावित हैं। प्रियरंजन राय ने कहा कि बस देश से भ्रष्टाचार मिट जाये तो हम दुनिया में सबसे आगे होंगे। उन्होंने जन लोकपाल बिल को जल्द लागू करने की मांग की। चंद्रभूषण राय ने कहा कि देश के विकास में भ्रष्टाचार बाधक है। इसे हम लोग खत्म करके ही दम लेंगे। आरटीआइ कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने कहा कि जन लोकपाल बिल पारित होने से भ्रष्टाचार के जांच में जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। तब कोई भी खुलेआम देश का पैसा लूट कर बाहर के बैंकों में नहीं रख सकेगा।
अन्ना हजारे के समर्थन में आए बिहार के लोग
अन्ना हजारे के समर्थन में आए बिहार के लोगपटना। जन लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर नई दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थन में बिहार भी खड़ा नजर आ रहा है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी इसका समर्थन किया है।
नागरिक अधिकार मंच के महासचिव रमेश चौबे ने बुधवार को कहा है कि यदि अन्ना की मांगों को केन्द्र सरकार द्वारा नहीं माना गया तो मंच के लोग 17 अप्रैल से सामूहिक उपवास पर बैठेंगे।
इधर, राज्य के उपमुख्यमंत्री मोदी ने भी निजी तौर पर इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा है, "मैं अन्ना की मांग का निजी तौर पर समर्थन करता हूं। बिहार ने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पहले ही प्रारम्भ कर दी है।" नगारिक अधिकार मंच के बैनर तले मंगलवार को पटना में करीब 100 सामाजिक कार्याकर्ताओं और छात्रों ने उपवास रखा।
इधर, इंडिया अगेंस्ट करप्शन, पटना के समन्वयक डा़ रत्नेश चौधरा ने अन्ना के समर्थन के लिए एसएमएस अभियान चला रखा है। वे कहते हैं कि इस आंदोलन को
नागरिक अधिकार मंच के महासचिव रमेश चौबे ने बुधवार को कहा है कि यदि अन्ना की मांगों को केन्द्र सरकार द्वारा नहीं माना गया तो मंच के लोग 17 अप्रैल से सामूहिक उपवास पर बैठेंगे।
इधर, राज्य के उपमुख्यमंत्री मोदी ने भी निजी तौर पर इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा है, "मैं अन्ना की मांग का निजी तौर पर समर्थन करता हूं। बिहार ने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पहले ही प्रारम्भ कर दी है।" नगारिक अधिकार मंच के बैनर तले मंगलवार को पटना में करीब 100 सामाजिक कार्याकर्ताओं और छात्रों ने उपवास रखा।
इधर, इंडिया अगेंस्ट करप्शन, पटना के समन्वयक डा़ रत्नेश चौधरा ने अन्ना के समर्थन के लिए एसएमएस अभियान चला रखा है। वे कहते हैं कि इस आंदोलन को
सोमवार, 4 अप्रैल 2011
मांगी सूचना मिली जेल
आजादी के साठ वर्ष बाद भी नौकरशाही शासकवादी मानसिकता से उभर नहीं पाई है। नौकरशाह सरकारी नौकर जैसा कम और शासक जैसा व्यवहार ज्यादा करते है। कुछ ऐसा ही दिखता है बिहार में, जहॉ इन नौकरशाहों से आम जनता सवाल पूछे यह इनसे बरदाश्त नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि राज्य में इस कानून के तहत सूचना मांगनें वालों को झूठे और संगीन आरोपों में फंसाकर जैल में बंद करने की अनेक घटनाएं सामने आई हैं।
बिहार के शिव प्रकाश राय पर बक्सर के पूर्व जिलाधिकारी ने राय पर 25 हजार रूपये प्रतिमाह रंगदारी टैक्स मांगने का आरोप लगाया। झूठे आरोप में उन्हें जेल में बंद कर दिया गया और 29 दिनों के बाद रिहा किया गया। राय का दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत इंदिरा आवास योजना का लाभ पाने वाले लोगों का ब्यौरा मांगा था।
एक अन्य मामले में नालंदा जिले के पुरषोत्तम प्रसाद को भूमि सुधारों की जानकारी मांगने पर मिट्टी का तेल चुराने के झूठे आरोप में फंसा दिया गया। सेना से रिटायर हो चुके चन्द्रदीप सिंह की कहानी इनसे भी बुरी है। उन्हें मानेर में एक महिला से बलात्कार की कोशिश के मामले में फंसाया गया क्योंकि चन्द्रदीप ने पुलिस से अपने पुत्र और पुत्री की हत्या की जांच की जानकारी मांगी थी। एक निर्माणाधीन ओवरब्रिज की जानकारी मांगने पर जयप्रकाश को सरकारी सेवकों को काम न करने देने और निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगा।
नौकरशाहों का यह रवैया सिद्ध करता है कि वे सूचना के कानून के माध्यम से पूछे गए सवालों का जवाब देना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। सदियों से चली आ रही शासकवादी मानसिकता से वे आज भी उबर नहीं पाए हैं।
बिहार के शिव प्रकाश राय पर बक्सर के पूर्व जिलाधिकारी ने राय पर 25 हजार रूपये प्रतिमाह रंगदारी टैक्स मांगने का आरोप लगाया। झूठे आरोप में उन्हें जेल में बंद कर दिया गया और 29 दिनों के बाद रिहा किया गया। राय का दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत इंदिरा आवास योजना का लाभ पाने वाले लोगों का ब्यौरा मांगा था।
एक अन्य मामले में नालंदा जिले के पुरषोत्तम प्रसाद को भूमि सुधारों की जानकारी मांगने पर मिट्टी का तेल चुराने के झूठे आरोप में फंसा दिया गया। सेना से रिटायर हो चुके चन्द्रदीप सिंह की कहानी इनसे भी बुरी है। उन्हें मानेर में एक महिला से बलात्कार की कोशिश के मामले में फंसाया गया क्योंकि चन्द्रदीप ने पुलिस से अपने पुत्र और पुत्री की हत्या की जांच की जानकारी मांगी थी। एक निर्माणाधीन ओवरब्रिज की जानकारी मांगने पर जयप्रकाश को सरकारी सेवकों को काम न करने देने और निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगा।
नौकरशाहों का यह रवैया सिद्ध करता है कि वे सूचना के कानून के माध्यम से पूछे गए सवालों का जवाब देना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। सदियों से चली आ रही शासकवादी मानसिकता से वे आज भी उबर नहीं पाए हैं।
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