सूचना के अधिकार पर काम करने के उपरांत प्राप्त अनुभवों से इसका दायरा बढाते हुए व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति के लिए अपने सक्रिय साथियों से विचार विमर्श के उपरांत नागरिक अधिकार मंच के गठन की योजना बनी. इस मंच के माध्यम से विधिक तरीके से व्यापक नागरिक हितों की पूर्ति हेतु संघर्ष किया जाएगा.
मंगलवार, 27 सितंबर 2011
न्याय दीजिए नहीं तो करेंगे आत्महत्या
रफीगंज (औरंगाबाद), निज प्रतिनिधि : हसपुरा के भतन बिगहा की पुनरावृति प्रखंड के दुगुल पंचायत के शाहगंज गांव में हो सकती है। इंदिरा आवास पीड़ित परिवार रफीक अहमद ने डीएम के जनता दरबार में आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई है। न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है। रफीक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 में हमें इंदिरा आवास मिला। रफीगंज कोआपरेटिव बैंक में खाता खोला गया और पैसे की निकासी कर ली गई। 7 सितम्बर को इंदिरा आवास जांच के क्रम में अधिकारी शाहगंज गांव पहुंचे। रफीक ने इंदिरा आवास के लिए गुहार लगाई तो अधिकारियों ने बताया कि उसे इंदिरा आवास आवंटित हो चुका है। अधिकारियों ने इंदिरा आवास के पैसे से आवास बनाने का आदेश दिया। कहा कि अगर ऐसा नहीं करेंगे तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। रफीक ने डीएम ने जनता दरबार में आवेदन दिया है जिसमें पूर्व उपमुखिया शमीम आलम एवं बैंक के अधिकारियों पर पैसा हड़पने का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले में बीडीओ को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मंगलवार, 20 सितंबर 2011
शनिवार, 17 सितंबर 2011
शुक्रवार, 16 सितंबर 2011
लोकतंत्र में जनता मालिक सरकारी लोग सेवक : आभा
सूचना का अधिकार ग्राम स्वराज विषय पर एक सेमिनार आयोजित
समस्तीपुर, काप्र : नागरिक अधिकार मंच के तत्वावधान में सोमवार को सूचना का अधिकार ग्राम स्वराज विषय पर एक सेमिनार का आयोजन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सभा भवन में किया गया। इसे संबोधित करते हुए सद्भावना बिहार के अध्यक्ष आभा कुमार ने कहा कि जबतक प्रत्येक नागरिक सूचना के अधिकार को नहीं जानेंगे तब तक ग्राम स्वराज का सपना पूरा नहीं होगा। मुख्य वक्ता के रूप में मंच के राज्य अध्यक्ष शिव प्रकाश राय ने उपरोक्त विषय पर गंभीरता से प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जनता ही मालिक होता है, सरकार और उसमें बैठे लोग जनता के सेवक हैं। इसमें मालिक का यह हक है कि उसके क्षेत्र में क्या काम हो रहा है सेवक उसे जानकारी देता रहे। सेमिनार को मो. इमरान, ए हादी, मो. ऐनूल हक, दिनेश कुमार, जयशंकर ठाकुर, पूनम देवी, उपेन्द्र राय, ठाकुर विक्रम सिंह, रघुनाथ राय आदि ने संबोधित किया। जबकि पूर्व में वैशाली के रंजीत पंडित, बीपी अखिलेश, हेमनारायण विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता सुरेन्द्र चौधरी ने की। सेमिनार के समापन के पूर्व नागरिक अधिकार मंच जिला इकाई का गठन भी किया गया। इसमें ए हादी सचिव, ठाकुर विक्रम सिंह अध्यक्ष, एनूल हक संरक्षक, इमरान मीडिया प्रभारी, जयशंकर ठाकुर उपाध्यक्ष, रमेश राय संयुक्त सचिव, सुरेन्द्र राय, पूनम देवी, प्रमोद कुमार पप्पू, मो.अय्यूब, नंदकिशोर राय, मो. गयासुद्दीन, असकार अली आदि सदस्य मनोनीत किए गए।
समस्तीपुर, काप्र : नागरिक अधिकार मंच के तत्वावधान में सोमवार को सूचना का अधिकार ग्राम स्वराज विषय पर एक सेमिनार का आयोजन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सभा भवन में किया गया। इसे संबोधित करते हुए सद्भावना बिहार के अध्यक्ष आभा कुमार ने कहा कि जबतक प्रत्येक नागरिक सूचना के अधिकार को नहीं जानेंगे तब तक ग्राम स्वराज का सपना पूरा नहीं होगा। मुख्य वक्ता के रूप में मंच के राज्य अध्यक्ष शिव प्रकाश राय ने उपरोक्त विषय पर गंभीरता से प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में जनता ही मालिक होता है, सरकार और उसमें बैठे लोग जनता के सेवक हैं। इसमें मालिक का यह हक है कि उसके क्षेत्र में क्या काम हो रहा है सेवक उसे जानकारी देता रहे। सेमिनार को मो. इमरान, ए हादी, मो. ऐनूल हक, दिनेश कुमार, जयशंकर ठाकुर, पूनम देवी, उपेन्द्र राय, ठाकुर विक्रम सिंह, रघुनाथ राय आदि ने संबोधित किया। जबकि पूर्व में वैशाली के रंजीत पंडित, बीपी अखिलेश, हेमनारायण विश्वकर्मा आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता सुरेन्द्र चौधरी ने की। सेमिनार के समापन के पूर्व नागरिक अधिकार मंच जिला इकाई का गठन भी किया गया। इसमें ए हादी सचिव, ठाकुर विक्रम सिंह अध्यक्ष, एनूल हक संरक्षक, इमरान मीडिया प्रभारी, जयशंकर ठाकुर उपाध्यक्ष, रमेश राय संयुक्त सचिव, सुरेन्द्र राय, पूनम देवी, प्रमोद कुमार पप्पू, मो.अय्यूब, नंदकिशोर राय, मो. गयासुद्दीन, असकार अली आदि सदस्य मनोनीत किए गए।
लोगों की जागरूकता से मिलेगा अधिकार
आरा : विधान परिषद के सचेतक नीरज कुमार ने कहा कि राजनीतिक परिवर्तनों से भ्रष्टाचार दूर नहीं हो सकता. आज के दौर में लोकतंत्र अग्नि परीक्षा के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में अब यह जरी हो गया है कि आम लोग अपने हक व अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संघर्ष को तेज करें. वे शनिवार को नागरी प्रचारिणी सभागार में सूचना का अधिकार, ग्राम स्वराज विषय पर आयोजित सेमिनार के उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे.
सेमिनार नागरिक अधिकार मंच के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. श्री कुमार ने कहा कि आज लोकतंत्र संक्रमण के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में लोगों को सूचना के अधिकार को हथियार बनाकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए. जब तक आम लोग जागक नहीं होंगे, उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल सकता.
नागरिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकश राय ने सूचना के अधिकार व ग्राम स्वराज पर प्रकाश डालते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को तेज करने हेतु एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र दो खंडों मे बंट गया है. तंत्र लोक पर हावी है. लोक का मुखौटा पहन कर नौकरशाही शोषण व भ्रष्टाचार में लिप्त है.
शिक्षाविद् कन्हैया सिंह ने कहा कि बड़े नेता व अधिकारी गरीब के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में भेजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन वे अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में भेजते हैं. सेमिनार में अग्रेनंद चौधरी, प्रो विश्वनाथ चौधरी, जगनारायण सिंह, देवेंद्र प्रसाद, विद्यानंद सिंह, दयानिधि, विजय यादव, रामाशंकर पासवान, विमलेश पांडेय ने विचार रखा.
अध्यक्षता कार्यकारिणी के प्रदेश संयोजक भरत सिंह ने की. सेमिनार के समापन पर मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने विद्यानंद सिंह को भोजपुर और रणजीत सिंह उर्फ डब्बू को रोहतास जिले का अध्यक्ष मनोनीत किया गया.
सेमिनार नागरिक अधिकार मंच के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. श्री कुमार ने कहा कि आज लोकतंत्र संक्रमण के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में लोगों को सूचना के अधिकार को हथियार बनाकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए. जब तक आम लोग जागक नहीं होंगे, उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल सकता.
नागरिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकश राय ने सूचना के अधिकार व ग्राम स्वराज पर प्रकाश डालते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष को तेज करने हेतु एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र दो खंडों मे बंट गया है. तंत्र लोक पर हावी है. लोक का मुखौटा पहन कर नौकरशाही शोषण व भ्रष्टाचार में लिप्त है.
शिक्षाविद् कन्हैया सिंह ने कहा कि बड़े नेता व अधिकारी गरीब के बच्चों को सरकारी विद्यालयों में भेजने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन वे अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालयों में भेजते हैं. सेमिनार में अग्रेनंद चौधरी, प्रो विश्वनाथ चौधरी, जगनारायण सिंह, देवेंद्र प्रसाद, विद्यानंद सिंह, दयानिधि, विजय यादव, रामाशंकर पासवान, विमलेश पांडेय ने विचार रखा.
अध्यक्षता कार्यकारिणी के प्रदेश संयोजक भरत सिंह ने की. सेमिनार के समापन पर मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने विद्यानंद सिंह को भोजपुर और रणजीत सिंह उर्फ डब्बू को रोहतास जिले का अध्यक्ष मनोनीत किया गया.
शुक्रवार, 12 अगस्त 2011
आरोपों के घेरे में 300 इंजीनियर
जिनके कंधों पर निर्माण और विकास के काम को बोझ है उनके दामन पर दाग भी कम नहीं हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और भवन निर्माण विभाग के करीब 300 अभियंता आरोपों के घेरे में हैं।
कुछ आरोप मामूली किस्म के हैं तो कई गंभीर हैं। कुछ में जवाब मांगकर विभाग सो गया। मगर बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं जिसमें जांच पूरी नहीं हुई, पूरी हुई तो 'समीक्षाधीन' है। समीक्षाधीन के अपने-अपने निहितार्थ हैं। ठेकेदार को बेजा फायदा दिलवाना, बिना निर्धारित प्रक्रिया के टेंडर आदेश करना, निर्माण में गड़बड़ी से लेकर बाहरी लोगों से फाइलों पर टिप्पणी लिखवाने तक के आरोप हैं। मुख्यमंत्री की विश्वास यात्रा के दौरान गायब रहने वाले मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता और कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मंगायी गयी, जांच पदाधिकारी के मंतव्य की प्रतीक्षा की जा रही है।
तत्कालीन विभागीय मंत्री अश्रि्वनी कुमार चौबे की ग्राम गौरव यात्रा के प्रति उदासीनता दिखाने वाले सीतामढ़ी के कनीय अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी। सूचना के अधिकार कानून के तहत शिवप्रकाश राय द्वारा मांगी गयी सूचना पर ये तथ्य उभर कर सामने आये हैं।
जो स्थिति है ..
* अरुण कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन अधीक्षण अभियंता पीएचईडी अंचल छपरा, मीरगंज जलापूर्ति योजना में प्रावधानों के विरुद्ध प्राक्कलित राशि में 61.67 फीसदी वृद्धि का आरोप। पथ निर्माण विभाग का तकनीकी मंतव्य प्राप्त। निर्णय के लिए संचिका उच्च स्तर पर विचाराधीन।
* नरसिंह पासवान अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिक अंचल मुजफ्फरपुर। बाहरी व्यक्ति से संचिका पर टिप्पणी दिलवाने का आरोप। संचिका उच्च स्तर पर विचाराधीन।
* जयशंकर चौधरी तत्कालीन सहायक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी। रहिका एवं घोघरडीहा जलापूर्ति योजना में संवेदक से 10 फीसदी राशि रिश्वत मांगने का आरोप। स्पष्टीकरण प्राप्त मामला उच्च स्तर पर समीक्षाधीन।
* अरुण कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल बेगूसराय में अक्टूबर 2008 को निविदा निष्पादन में अनियमितता का आरोप। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल बेगूसराय से निविदा से संबंधित अभिलेख प्राप्त। उच्च स्तर पर जांच के लिए संचिका उपस्थापित।
* नवीन कुमार परमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल सहरसा। 1998-99 में आवंटन से अधिक व्यय करने, नलकूपों का निर्माण अधूरा छोड़ देने, निधि का विचलन करने तथा सामग्री खरीद में निर्धारित मापदंड का उल्लंघन करने का आरोप। कैडर विभाजन के कारण झारखंड चले गये। अक्टूबर 2006 को प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित कर भेजा गया है। की गयी कार्रवाई की सूचना अप्राप्त।
* .. सचिवालय भवनों की साफ-सफाई एवं रखरखाव की निविदा में अनियमितता का आरोप। मार्च 2008 में मुख्य अभियंता पटना प्रक्षेत्र से प्रतिवेदन की मांग। कई स्मारपत्र के बाद भी अप्राप्त।
* लाल बहादुर सिंह तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरा। निविदा निष्पादन में अनियमितता का आरोप। जुलाई 2009 में जांच प्रतिवेदन लोकायुक्त कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया। फलाफल अप्राप्त।
* बीरेन्द्र कुमार तत्कालीन अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल मुंगेर। स्थानांतरण-पदस्थापन और संवेदको के बीच कार्यादेन जारी करने में अनियमितता बरतने तथा पटना जंक्शन से चोरी गये एनएससी का उपयोग करने का आरोप। जांच प्रतिवेदन प्राप्त। संचिका उच्च स्तर पर समीक्षाधीन।
* विजय कुमार सिन्हा तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मुजफ्फरपुर । संवेदक को 57.17 लाख का अदेय सहायता पहुंचाने का आरोप। प्रपत्र क में आरोप गति कर विभागीय कार्यवाही चलाने का प्रस्ताव 7 फरवरी 11 को उपस्थापित।
* श्यामा प्रसाद चौधरी तत्कालीन अधीक्षण अभियंता छपरा। बिना निविदा किये एवं बिना क्रय समिति की अनुशंसा के क्रयादेश जारी करने एवं परिसदन के वृक्षों की अवैध कटाई का आरोप। दिसम्बर 2006 में विभागीय कार्यवाही प्रारंभ। अंतिम निर्णय के लिए मामला समीक्षाधीन।
* मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर बालेश्वर प्रसाद सिंह एवं कार्यपालक अभियंता मुजफ्फरपुर नागेश्वर शर्मा। मुख्यमंत्री की विश्वास यात्रा के दौरान अनुपस्थित रहे। मीनापुर प्रखंड के पानापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अपूर्ण-त्रुटिपूर्ण रहने का आरोप। खाद्य एवं उपभोक्ता के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। दोनों अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। स्पष्टीकरण पर जांच पदाधिकारी के मंतव्य की प्रतीक्षा की जा रही है।
* कनीय अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल सीतामढ़ी, अभी निलंबन में। ग्राम गौरव यात्रा में रुचि नहीं लेने का आरोप। अगस्त 10 में ही विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। डीपी सिंह अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य पटना को जांच संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। जांच प्रतिवेदन अप्राप्त।
कुछ आरोप मामूली किस्म के हैं तो कई गंभीर हैं। कुछ में जवाब मांगकर विभाग सो गया। मगर बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं जिसमें जांच पूरी नहीं हुई, पूरी हुई तो 'समीक्षाधीन' है। समीक्षाधीन के अपने-अपने निहितार्थ हैं। ठेकेदार को बेजा फायदा दिलवाना, बिना निर्धारित प्रक्रिया के टेंडर आदेश करना, निर्माण में गड़बड़ी से लेकर बाहरी लोगों से फाइलों पर टिप्पणी लिखवाने तक के आरोप हैं। मुख्यमंत्री की विश्वास यात्रा के दौरान गायब रहने वाले मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता और कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण मंगायी गयी, जांच पदाधिकारी के मंतव्य की प्रतीक्षा की जा रही है।
तत्कालीन विभागीय मंत्री अश्रि्वनी कुमार चौबे की ग्राम गौरव यात्रा के प्रति उदासीनता दिखाने वाले सीतामढ़ी के कनीय अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी। सूचना के अधिकार कानून के तहत शिवप्रकाश राय द्वारा मांगी गयी सूचना पर ये तथ्य उभर कर सामने आये हैं।
जो स्थिति है ..
* अरुण कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन अधीक्षण अभियंता पीएचईडी अंचल छपरा, मीरगंज जलापूर्ति योजना में प्रावधानों के विरुद्ध प्राक्कलित राशि में 61.67 फीसदी वृद्धि का आरोप। पथ निर्माण विभाग का तकनीकी मंतव्य प्राप्त। निर्णय के लिए संचिका उच्च स्तर पर विचाराधीन।
* नरसिंह पासवान अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिक अंचल मुजफ्फरपुर। बाहरी व्यक्ति से संचिका पर टिप्पणी दिलवाने का आरोप। संचिका उच्च स्तर पर विचाराधीन।
* जयशंकर चौधरी तत्कालीन सहायक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल मधुबनी। रहिका एवं घोघरडीहा जलापूर्ति योजना में संवेदक से 10 फीसदी राशि रिश्वत मांगने का आरोप। स्पष्टीकरण प्राप्त मामला उच्च स्तर पर समीक्षाधीन।
* अरुण कुमार श्रीवास्तव तत्कालीन मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल बेगूसराय में अक्टूबर 2008 को निविदा निष्पादन में अनियमितता का आरोप। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल बेगूसराय से निविदा से संबंधित अभिलेख प्राप्त। उच्च स्तर पर जांच के लिए संचिका उपस्थापित।
* नवीन कुमार परमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल सहरसा। 1998-99 में आवंटन से अधिक व्यय करने, नलकूपों का निर्माण अधूरा छोड़ देने, निधि का विचलन करने तथा सामग्री खरीद में निर्धारित मापदंड का उल्लंघन करने का आरोप। कैडर विभाजन के कारण झारखंड चले गये। अक्टूबर 2006 को प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित कर भेजा गया है। की गयी कार्रवाई की सूचना अप्राप्त।
* .. सचिवालय भवनों की साफ-सफाई एवं रखरखाव की निविदा में अनियमितता का आरोप। मार्च 2008 में मुख्य अभियंता पटना प्रक्षेत्र से प्रतिवेदन की मांग। कई स्मारपत्र के बाद भी अप्राप्त।
* लाल बहादुर सिंह तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरा। निविदा निष्पादन में अनियमितता का आरोप। जुलाई 2009 में जांच प्रतिवेदन लोकायुक्त कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया। फलाफल अप्राप्त।
* बीरेन्द्र कुमार तत्कालीन अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण अंचल मुंगेर। स्थानांतरण-पदस्थापन और संवेदको के बीच कार्यादेन जारी करने में अनियमितता बरतने तथा पटना जंक्शन से चोरी गये एनएससी का उपयोग करने का आरोप। जांच प्रतिवेदन प्राप्त। संचिका उच्च स्तर पर समीक्षाधीन।
* विजय कुमार सिन्हा तत्कालीन अधीक्षण अभियंता मुजफ्फरपुर । संवेदक को 57.17 लाख का अदेय सहायता पहुंचाने का आरोप। प्रपत्र क में आरोप गति कर विभागीय कार्यवाही चलाने का प्रस्ताव 7 फरवरी 11 को उपस्थापित।
* श्यामा प्रसाद चौधरी तत्कालीन अधीक्षण अभियंता छपरा। बिना निविदा किये एवं बिना क्रय समिति की अनुशंसा के क्रयादेश जारी करने एवं परिसदन के वृक्षों की अवैध कटाई का आरोप। दिसम्बर 2006 में विभागीय कार्यवाही प्रारंभ। अंतिम निर्णय के लिए मामला समीक्षाधीन।
* मुख्य अभियंता मुजफ्फरपुर बालेश्वर प्रसाद सिंह एवं कार्यपालक अभियंता मुजफ्फरपुर नागेश्वर शर्मा। मुख्यमंत्री की विश्वास यात्रा के दौरान अनुपस्थित रहे। मीनापुर प्रखंड के पानापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के अपूर्ण-त्रुटिपूर्ण रहने का आरोप। खाद्य एवं उपभोक्ता के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। दोनों अधिकारियों का स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। स्पष्टीकरण पर जांच पदाधिकारी के मंतव्य की प्रतीक्षा की जा रही है।
* कनीय अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल सीतामढ़ी, अभी निलंबन में। ग्राम गौरव यात्रा में रुचि नहीं लेने का आरोप। अगस्त 10 में ही विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। डीपी सिंह अधीक्षण अभियंता लोक स्वास्थ्य पटना को जांच संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। जांच प्रतिवेदन अप्राप्त।
मंगलवार, 26 जुलाई 2011
सोमवार, 25 जुलाई 2011
नागरिक अधिकार मंच द्वारा आयोजित धरना के संबंध में प्रेस विज्ञप्ति
विषय- नागरिक अधिकार मंच द्वारा एकदिवसीय धरना का आयोजन
तिथि- दिनांक 25/07/2011 दिन सोमवार.
धरनास्थल- आर ब्लाक चौराहा, पटना
शामिल प्रमुख व्यक्ति- नागरिक मंच के अध्यक्ष श्री शिवप्रकाश राय, डॉ* एस.एन.उपाध्याय, पुरंदर सावर्न्य, भोजपुर से भरत सिंह, गोपालगंज से सुरेशचंद्र त्यागी, मुजफ्फरपुर से बीपी अखिलेश, समस्तीपुर से ऐनुल अंसारी, किशोर कुणाल, पुर्नेंदु जी, अजीत चौधरी, हेमंत जी, रणजीत पंडित,बेगुसराय से रंजन जी,आदरणीय अशोक मोती जी.
उद्देश्य- इस धरने को निम्नलिखित मांगों को लक्षित कर आयोजित किया गया -
(1.) राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े सूचना आयुक्त के पदों को उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से शीघ्र भरा जाए.
(2.) विगत एक वर्ष में राज्य सूचना आयोग द्वारा किए गए फैसले की जाँच उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश से कराई जाए, खासकर ऐसे सभी मामलों की जिसमें कहने को तो राज्य सूचना आयोग द्वारा लोक सूचना अधिकारियों द्वारा सूचना के अधिकार के विरुद्ध आचरण करने पर जुर्माना लगाया जाता है, पर, अवैधानिक ढंग से या तो उसे माफ कर दिया जाता है अथवा अपने ही फैसले को कार्यान्वित नहीं करवा पाता. विदित हो कि RTI Act में जुर्माना माफ करने या सूचना आयुक्तों के स्वविवेक से अवैधानिक निर्णय देने का कोई प्रावधान नहीं है.
(3.) मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों के पदों पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को आसीन किया जाए एवं एक सूचना आयुक्त का पद सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति द्वारा भरा जाए.
ज्ञापन-
1. महामहिम राज्यपाल, बिहार
2. माननीय मुख्यमंत्री, बिहार
3. माननीय नेता, प्रतिपक्ष, बिहार विधान सभा.
शुक्रवार, 22 जुलाई 2011
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हेतु धरने का आयोजन
महाशय,
सूचित किया जाता है कि नागरिक अधिकार मंच के द्वारा दिनांक 25/07/2011 समय 11 AM से 3 PM तक आर ब्लाक चौराहा, पटना में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया है. इस धरने को निम्नलिखित मांगों को लक्षित कर आयोजित किया गया है-
(1.)राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े सूचना आयुक्त के पदों को शीघ्र भरने हेतु,
(2.)विगत एक वर्ष में राज्य सूचना आयोग द्वारा किए गए फैसले की जाँच उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश से कराए जाने हेतु,
(3.)मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों के पदों पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को आसीन करने एवं एक सूचना आयुक्त का पद सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति द्वारा भरे जाने हेतु.
इससे सम्बंधित मांग पत्र महामहिम राज्यपाल (बिहार), माननीय मुख्यमंत्री, बिहार तथा नेता विपक्ष (विधान सभा, बिहार) को समर्पित किया जाएगा.
सूचित किया जाता है कि नागरिक अधिकार मंच के द्वारा दिनांक 25/07/2011 समय 11 AM से 3 PM तक आर ब्लाक चौराहा, पटना में एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया है. इस धरने को निम्नलिखित मांगों को लक्षित कर आयोजित किया गया है-
(1.)राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े सूचना आयुक्त के पदों को शीघ्र भरने हेतु,
(2.)विगत एक वर्ष में राज्य सूचना आयोग द्वारा किए गए फैसले की जाँच उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश से कराए जाने हेतु,
(3.)मुख्य सूचना आयुक्त एवं अन्य सूचना आयुक्तों के पदों पर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को आसीन करने एवं एक सूचना आयुक्त का पद सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति द्वारा भरे जाने हेतु.
इससे सम्बंधित मांग पत्र महामहिम राज्यपाल (बिहार), माननीय मुख्यमंत्री, बिहार तथा नेता विपक्ष (विधान सभा, बिहार) को समर्पित किया जाएगा.
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